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दांत दर्द के लिए घरेलू उपचार :Home remedies for toothache

दांत दर्द के लिए घरेलू उपचार :Home remedies for toothache

3 लौंग पीसकर, इसे नीम्बू के 5 ग्राम रस में मिलाकर दांतों पर मलने और खोखले भाग में लगाने से दांत दर्द ठीक होता है।

Grind 3 cloves, mix it with 5 grams of lemon juice and rub it on the teeth and apply in hollow parts, it ends toothache.

कपूर और अकरकरा 5-5 ग्राम मात्रा में पीसकर मंजन करें।

Grind 5-5 grams of camphor and anarkara and brush with it.

पके हुए अनन्नास का रस रुई के फाहे से लगाने पर दांत दर्द ठीक होता है।

Applying juice of ripe pineapple with cotton swabs cures toothache.

3 प्रतिशत हाइड्रोजन पेरोक्साइड को इतने ही पानी में मिलाकर कुल्ला (माउथवॉश) करें याद रहे यह पानी पेट के अंदर ना जाने पाए इससे दांतों से हानिकारक जीवाणु नष्ट हो जाते है और दांत दर्द से भी मुक्ति मिलती है |

Mix 3 percent hydrogen peroxide in the same amount of water and rinse (mouthwash). Remember that this water is not allowed inside the stomach, it destroys harmful bacteria from the teeth and also relieves toothache.

काली मिर्च का 3 ग्राम पाउडर और सेंधा नमक का 3 ग्राम पाउडर सरसों के 3 ग्राम तेल में मिलाकर दांतों पर 5-7 मिनट मलने से दांत दर्द ठीक होता है। मसूढ़ों का सूजन भी ठीक होता है।

Mixing 3 grams of black pepper powder and 3 grams of rock salt in 3 grams of mustard oil and rubbing it on the teeth for 5-7 minutes ends toothache. Gingivitis is also cured.

दांत दर्द से राहत पाने के लिए लहसुन और लोंग का पेस्ट बनाकर दांतों में लगाये |

To get relief from toothache, make a paste of garlic and long and apply it to the teeth.

अजवायन पीसकर दांतों पर लगाने से भी दांत दर्द ठीक हो जाता है |

Applying ground oregano on the teeth also cures toothache.

एक नींबू के चार टुकड़े करके इन पर नमक बुरक कर, आग पर रखकर गरम कर लें। जिस दांत या दाढ़ में दर्द हो उसके नीचे 1-1 करके चारों टुकड़ों को थोड़ी-थोड़ी देर तक दबाएं दांत दर्द से फौरन आराम मिलेगा।

Heat four pieces of a lemon by boiling salt over them, placing them on the fire. Under the tooth or molar pain, press 1 to 4 pieces down for a while, toothache will get relief immediately.

सिरके में नमक और फिटकरी डालकर कुल्ला करने से मसूड़ों से खून निकलना बंद हो जाता है। साथ ही बबूल की छाल से काढ़ा बनाकर माउथवाश करने से मुंह, दांत तथा मसूड़ों के रोग दूर हो जाते हैं।

Putting salt and alum in vinegar and rinse stops bleeding from the gums. In addition, mouthwash made from acacia bark is used to cure diseases of the mouth, teeth and gums.

फिटकरी और लौंग बराबर मात्रा में पीसकर दांतों पर मलें। दांत दर्द तुरंत दूर हो जाएगा।

Grind equal quantity of alum and cloves and rub on the teeth. Toothache will go away immediately.

हिंग को गर्म करके दर्द वाले दांत पर दबाकर रखें, दांत दर्द गायब हो जाएगा।

Heat the hinge and press it on the sore tooth, the toothache will disappear.

कपूर को दांतों के बीच में दबाकर रखने से थोड़ी देर में दांत दर्द दूर हो जाएगा।

Pressing camphor between the teeth will relieve toothache in a while.

तीन ग्राम सोंठ दिन में एक बार ताजा पानी के साथ फांक लें। तीन-चार दिन यह प्रयोग करने से दांत दर्द एवं मसूड़ों का फूलना भी ठीक होगा ।

Split three grams dry ginger with fresh water once a day. Toothache and swelling of the gums will also be cured by using this for three to four days.

अंजीर को पानी में उबालकर उसके पानी से कुल्ले करने से मसूढ़ों के रोग और दांत दर्द दूर हो जाता हैं।

Boil figs in water and gargle with water, it ends gum disease and toothache.

मसूडो पर नीम का तेल लगाने से मसूढ़ों के सभी रोग मिट जाते हैं।

Applying Neem oil on Masoodo eliminates all gum diseases.

सिरके में नमक और फिटकरी डालकर कुल्ला करने से मसूढ़ों से खून निकलना बंद हो जाता है।

Putting salt and alum in vinegar and rinse stops bleeding from the gums.

जीरे को भूनकर 3 ग्राम मात्रा में पाउडर बनाकर उसमें सेंधा नमक 3 ग्राम बारीक पीसकर मसूढ़ों पर मलने से सूजन और दांतों का दर्द ठीक होता है।

After roasting cumin, making 3 grams of powder and grinding it with 3 grams fine rock salt, rubbing it on the gums cures swelling and toothache.

लौंग के तेल को रुई की मदद से लगाने से भी दांत दर्द ठीक होता है।

Applying clove oil with the help of cotton also cures toothache.

दांत के कीड़े का इलाज – दांतों में कीड़े लगे हों तो प्याज को गरम दांतों पर रख लें और धीरे-धीरे इसे दबाएँ। प्याज का तीखा रस बैक्टीरिया सह नहीं पाएंगे और दांतों का साथ छोड़ देंगे। और दांत दर्द की समस्या नहीं होगी |

Treatment of tooth worms- If there are bugs in the teeth, place onion on hot teeth and press it slowly. The hot onion juice will not tolerate bacteria and will leave the teeth together. And there will be no problem of toothache.

जायफल के तेल में रूई भिगोकर दांतों की जडो में लगाने से दांतों का दर्द ठीक हो जाता है ।

By soaking cotton wool in nutmeg oil and applying it to the teeth, it ends toothache.

हल्के गर्म पानी में अंकोल का तेल कुछ बूंदें डालकर कुल्ले करने से दांतों का दर्द ठीक होता है।

Putting a few drops of Ankol oil in lukewarm water, then rubbing it ends toothache.

अमरूद के कोमल पत्तो को चबाने से दांत दर्द ठीक होता है।

Chewing soft leaves of guava ends toothache.

अमरूद के पत्तों को पानी में उबालकर इस पानी में फिटकरी मिलाकर कुल्ले करने से दांत दर्द ठीक होता है।

Boil guava leaves in water and mix alum in this water and gargle with it to end toothache.

अपामार्ग की ताजी शाखा से दातुन करने पर दांत दर्द होने विकृति और मसूढ़ों से रक्तस्राव बंद होता है।

Toothache with fresh branch of apamarga stops toothache deformity and bleeding from gums.

अजमोद को जलाकर बारीक पीसकर इस राख से मंजन करने से दांत दर्द ठीक होता है।

Grind parsley finely and brush with this ash to cure toothache.

कत्था, नीम की छाल, और सेंधा नमक का समान मात्रा में लेकर इसे छानकर मंजन करने से दांतों के हिलने की बीमारी में लाभ होता है।

Mix equal quantity of catechu, neem bark, and rock salt and filter it and brush with it, it provides relief in shaking of teeth.


दो चम्मच सरसों का तेल और आधा चम्मच बारीक पिसा हुआ खाने का नमक मिलाकर, मुंह में रखें और इधर-उधर घूमाते रहें। जब मुंह ज्यादा भर जाए तो थोड़ा-सा थूक दें, आधे घटें तक मुंह में रखने के बाद सब थूक दें, आधे घटें तक पानी न पीएं न ही पानी से कुल्ला करें थोड़े ही दिनों में पायरिया रोग और दांत दर्द से राहत मिल जाएगी |

Mix two teaspoons of mustard oil and half a teaspoon of finely ground food salt, keep it in the mouth and keep moving around. When the mouth is very full, spit it a little, spit it after putting it in the mouth for half a day, do not drink water nor rinse with water for half an hour, in a few days, you will get relief from pyorrhea and toothache.

सरसों का तेल और नमक मिलाकर मसूड़ों पर मलने से दांत मजबूत रहते हैं।

Rubbing mustard oil and salt on the gums keeps teeth strong.



Dr.Manoj Bhai Rathore 
Ayurveda doctor
Email id:life.panelbox@gmail.com
क्या करे क्या न करे(स्वास्थ्य सुझाव)What to do, what not to do (health tips)
Self site:-see you again search आप फिर से खोज देखें
 yourselfhealthtips.blogspot.com


आवश्यक दिशा निर्देश
1. हमारा आपसे अनुरोध है कि यदि आप किसी भी तरह के रोग से पीड़ित हैं तो आपको अपना इलाज किसी अनुभवी चिकित्सक की देख-रेख में ही कराना चाहिए क्योंकि बिना चिकित्सक की सलाह के दवा लेना और एकसाथ एक से अधिक पैथियों का प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है।
2. अगर हमारी वेबसाइट में दिए गए नुस्खों या फार्मूलों से आपको किसी भी प्रकार की हानि होती है, तो उसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे, क्योंकि इन नुस्खों को गलत तरीके से लेने के कारण ये विपरीत प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। इसके अलावा आयुर्वेदिक नुस्खों का प्रभाव रोगी की प्रकृति, समय और जलवायु के कारण अलग-अलग होता है।
3. औषधि का सेवन करते समय आपको अपने खान-पान  (पथ्यापथ्य)  का पूरा ध्यान रखना चाहिए  क्योंकि किसी भी रोग में औषधि के प्रयोग के साथ-साथ परहेज भी रोग को ठीक करने में महत्वपू्र्ण भूमिका निभाता है।
4. रोगी को कोई भी दवा देने से पहले यह जानना आवश्यक है कि रोग की उत्पत्ति किस कारण से हुई है। जिस कारण से रोग पैदा हुआ है उसकी पूरी जानकारी रोगी से लेनी बहुत जरूरी होती है, क्योंकि अधूरे ज्ञान के कारण रोगी का रोग कुछ होता है और उसे किसी अन्य रोग की औषधि दे दी जाती है। इसके परिणामस्वरूप रोगी की बीमारी समाप्त होने के बजाय असाध्य रोग में बदल जाती है।
5. शरीर को स्वस्थ और शक्तिशाली बनाने के लिए शुद्ध आहार की जानकारी बहुत ही जरूरी है, क्योंकि इस जानकारी से आप असाध्य से असाध्य रोग को जड़ से समाप्त कर शरीर को पूर्ण रूप से रोग मुक्त कर सकते हैं।
6. प्रत्येक पैथी में कुछ दवाईयां कुछ रोगों पर बहुत ही असरदार रूप से प्रभावकारी होती हैं।
7. प्रत्येक पैथी का अविष्कार आवश्यकता पड़ने पर ही हुआ है क्योंकि एक जवान और मजबूत आदमी को मसाज, एक्यूप्रेशर,  एक्यूपेंचर, हार्डपेथियों एवं औषधियों द्वारा लाभ पहुंचाया जा सकता है लेकिन असाध्य रोग से पीड़ित, शारीरिक रूप से कमजोर और बूढ़े रोगियों पर इन पेथियों का उपयोग नहीं किया जा सकता है।
8. आयुर्वेद और होम्योपैथिक के सिद्धांत बिल्कुल मिलते-जुलते हैं क्योंकि आयुर्वेद से ही होम्योपैथिक की उत्पत्ति हुई है जैसे- जहर को जहर द्वारा ही उतारा जा सकता है, कांटे को कांटे से ही निकाला जा सकता है।
9. रोगी के लक्षणों की जांच के दौरान चिकित्सक को तीन बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, पहला-देखना,  दूसरा-स्पर्श  (छूना)  और तीसरा- प्रश्न करना या रोगी से सवाल पूछना। महान ऋषि ‘सुश्रुत’ के अनुसार कान,  त्वचा,  आंख,  जीभ, नाक इन  5 इन्द्रियों के माध्यम से किसी भी तरह के रोग की वास्तविकता की आसानी से पहचान की जा सकती है।
10. चिकित्सक को चाहिए कि, वह तीमारदार  (रोगी की देखभाल करने वाला)  से रोगी की शारीरिक ताकत,  स्थिति,  प्रकृति आदि की पूरी जानकारी लेने के बाद ही उसका इलाज करे।
11. चिकित्सक को इलाज करने से पहले रोगी को थोड़ी-सी दवा का सेवन कराके इस बात का अध्ययन करना चाहिए कि यह दवा रोगी की शारीरिक प्रकृति के अनुकूल है या नहीं।
12. जिस प्रकार व्याकरण के पूर्ण ज्ञान के बिना शिक्षक योग्य नहीं हो पाता है, उसी प्रकार से बीमारी के बारे में पूरी जानकारी हुए बिना किसी प्रकार की औषधि का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि हर औषधि के गुण-धर्म और दोष अलग-अलग होते हैं।

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